असम बीजेपी आईटी सेल के एआई वीडियो पर मचा बवाल, बाद में किया डिलीट; कांग्रेस बोली- बेहद घृणित और परेशान करने वाला


असम बीजेपी की तरफ से एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद इसे डिलीट कर दिया गया है. इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टोपी पहने दो लोगों पर निशाना साधते हुए दिखाया गया था. राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव हैं. अब ऐसे में इस वीडियो के बाद पनपा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. 

वीडियो को पाइंट ब्लैंक शॉट कैप्शन के साथ किया था अपलोड

बीजेपी की ओर से ये वीडियो शनिवार को पाइंट ब्लैंक शॉट वाले कैप्शन के साथ अपलोड किया गया था. इसमें सीएम हिमंत को दो लोगों को तस्वीर पर गोली चलाते दिखाया गया. यह एक काउबॉय की तरह कपड़े पहने और बंदूक चलाते हुए खत्म होता है. इस पर बांग्लादेशियों पर कोई दया नहीं, तुम पाकिस्तान क्यों गए? और विदेशी मुक्त असम जैसी लाइने लिखी हुई थीं.

बीजेपी के इस वीडियो पर कांग्रेस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

कांग्रेस ने सीएम हिमंत के इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह बेहद ही घृणित और परेशान करने वाला है. इसे सामान्य ट्रोल कंटेंट कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है. यह फासीवादी चेहरे का असली प्रतिबिंब है. इसने दशकों से नफरत को पाला है. पिछले 11 सालों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की गई है. कांग्रेस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही न्यायपालिका को इसमें हस्तक्षेप करने की मांग भी की गई है. 

सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- यही है असली बीजेपी

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने X हैंडल पर इस वीडियो को शेयर किया है. श्रीनेत के शेयर किए गए वीडियो में असम बीजेपी का X अकाउंट नजर आ रहा है. श्रीनेत ने कहा है कि यही है असली बीजेपी: सामूहिक हत्यारे. यह जहर, नफरत और हिंसा आप पर है, मिस्टर मोदी. उन्होंने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं?

वीडियो नरसंहार-सामूहिक हत्या के लिए हरी झंडी: TMC

इसके अलावा ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भी इस प्रतिक्रिया दी है. टीएमसी ने कहा है कि वीडियो नरसंहार और सामूहिक हत्या के लिए हरी झंडी है. बीजेपी ने अकेले ही भारत की राजनीतिक चर्चा को गटर में घसीट लिया है. उन्होंने हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष बहुलवादी भावना को धूल में मिला दिया है. इसके अलावा सीपीआईएम ने इसे जातीय सफाई और नरसंहार के लिए खुला अह्वान करार दिया है.



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