चिन्नास्वामी स्टेडियम में कुंबले-द्रविड़ के नाम पर दो स्टैंड्स होंगे:द्रविड़ बोले- घर से ज्यादा वक्त इस मैदान पर बिताया




बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के 50 साल इंटरनेशनल क्रिकेट के पूरे होने पर स्टेडियम के दो स्टैंड्स का नाम अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ के नाम पर रखा गया है। कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद की अगुवाई में आयोजित इस समारोह में कुंबले और द्रविड़ को भारतीय और कर्नाटक क्रिकेट में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर दोनों ही खिलाड़ी भावुक नजर आए और उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा कीं। कुंबले बोले-भावुक कर देने वाला पल
अनिल कुंबले के लिए यह पल बेहद खास था। उन्होंने कहा,’मैं पहली बार 9 साल की उम्र में एक दर्शक के तौर पर यहां मैच देखने आया था। आज इसी स्टेडियम के पवेलियन पर अपना नाम देखना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है और मैं थोड़ा इमोशनल भी हूं। चिन्नास्वामी स्टेडियम का 50 साल का सफर दरअसल भारतीय क्रिकेट की ग्रोथ को भी दिखाता है। मैं BCCI का भी शुक्रगुजार हूं जिसने ऐसा स्ट्रक्चर बनाया कि भारत के हर कोने से आने वाले सपनों को मौका मिल सके। द्रविड़ का घर से ज्यादा वक्त इस मैदान पर बीता, बोले- इसी ने मुझे बनाया
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ ने चिन्नास्वामी स्टेडियम को अपना दूसरा घर बताया। उन्होंने कहा,’जैसा अनिल ने कहा, हमने शायद अपने घरों से ज्यादा वक्त इस मैदान पर बिताया है। यह वह जगह है जिसने मुझे बहुत खुशी दी और कभी-कभी निराशा भी, लेकिन आज मैं जो कुछ भी हूं,इसी मैदान की वजह से हूं। मैं KCA अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद और उनकी कमेटी का आभारी हूं कि उन्होंने मेरे नाम पर स्टैंड का नाम रखने का फैसला किया।’ दोनों खिलाड़ियों का शानदार रिकॉर्ड
अनिल कुंबले भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने टेस्ट में 619 और वनडे में 337 विकेट लिए। वे दोनों फॉर्मेट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम कुल 953 विकेट दर्ज हैं।
वहीं, राहुल द्रविड़ का नाम दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार है। वे सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बाद भारत के लिए सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। द्रविड़ ने 504 मैचों में 24,064 रन बनाए हैं,जिसमें 48 शतक और 145 अर्धशतक शामिल हैं। कुंबले और द्रविड़, दोनों ने ही अलग-अलग समय पर भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली है।



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