‘नो टॉलरेंस…’ एयरपोर्ट और फ्लाइट में अब हंगामा किया तो खैर नहीं, होगी सख्त कार्रवाई, DGCA ने जारी किया ड्राफ्ट
फ्लाइट में हंगामा करने वालों पर अब सरकार सख्ती बरतने जा रही है. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है. नए नियमों के मुताबिक अब फ्लाइट या एयरपोर्ट पर हंगामा करना, क्रू से बदतमीज़ी करना या नशे में उत्पात मचाना महंगा पड़ सकता है. इन सब चीजों को लेकर DGCA ने एयरलाइंस और दूसरे संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं. सुझावों के बाद ही इन्हें अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा.
DGCA का कहना है कि विमान और एयरपोर्ट हंगामा या प्रदर्शन करने की जगह नहीं हैं. यात्रियों की सुरक्षा और फ्लाइट की व्यवस्था में रुकावट डालने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ड्राफ्ट में “जीरो टॉलरेंस” यानी बिल्कुल भी ढील न देने की बात कही गई है.
किन हरकतों पर होगी कार्रवाई?
ड्राफ्ट के मुताबिक फ्लाइट या एयरपोर्ट पर शराब या नशे में हंगामा करना, धूम्रपान करना, पायलट या केबिन क्रू की बात न मानना, गाली-गलौज या मारपीट करना, इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करना, फ्लाइट के अंदर नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन करना इन हरकतों को गंभीर माना जाएगा. ऐसे मामलों में यात्री को फ्लाइट से उतारा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है.
DGCA ने ड्राफ्ट में अनुशासनहीन व्यवहार को चार स्तरों में बांटने का प्रस्ताव रखा है. हल्की बदतमीज़ी से लेकर मारपीट, जानलेवा हिंसा और कॉकपिट में घुसने की कोशिश तक को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है. इसी आधार पर तय होगा कि यात्री पर कितनी सख्त कार्रवाई होगी.
नो-फ्लाई लिस्ट और उड़ान से बैन
गंभीर मामलों में यात्रियों को कुछ महीनों से लेकर कई साल तक उड़ान से बैन करने का प्रस्ताव है. ऐसे यात्रियों का नाम “नो-फ्लाई लिस्ट” में डाला जा सकता है. ताकि वे दूसरी एयरलाइन से टिकट लेकर भी नियमों से बच न पाएं. कम से कम 30 दिन तक उड़ान से बैन लगाने का प्रस्ताव भी है. हालांकि यह सूची सार्वजनिक नहीं होगी बल्कि सिर्फ एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के बीच साझा की जाएगी. DGCA ने साफ किया है कि ये नियम फिलहाल सिर्फ ड्राफ्ट हैं. सभी पक्षों से सुझाव मिलने के बाद ही इन्हें फाइनल कर लागू किया जाएगा.
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