‘सरकार सुनिश्चित करे कि विपक्षी नेता हमले के शिकार न हों’, कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार को दिया निर्देश
कोलकाता हाई कोर्ट ने सोमवार (2 फरवरी, 2026) को पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेता की सुरक्षा को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि विपक्षी नेताओं पर किसी भी तरह का हमला न हो.
पश्चिम बंगाल के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दावा किया कि विपक्षी नेताओं को मनगढ़ंत मामले दर्ज करके उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है और उन्हें गुंडों के हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है.
18 जनवरी को जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा हाई कोर्ट
कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि संबंधित लोगों पर किसी भी प्रकार का हमला न हो. कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका पर 18 फरवरी, 2026 को फिर से सुनवाई होगी.
BJP नेता के अधिवक्ता ने हाई कोर्ट में क्या कहा?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना में 10 जनवरी, 2026 को अपने मुवक्किल के काफिले पर हुए कथित हमले का हवाला देते हुए अनुरोध किया कि राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
ममता सरकार ने कोर्ट में क्या दिया आश्वासन
इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने पिछले सप्ताह कोलकाता हाई कोर्ट की एकल पीठ को आश्वासन दिया था कि 19 फरवरी, 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तक अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. शुभेंदु अधिकारी ने उक्त याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.
यह भी पढ़ेंः जगन मोहन रेड्डी ने जिस केस में चंद्रबाबू नायडू को कराया था गिरफ्तार, उसमें ED ने आंध्र CM को दी क्लीन चिट