तटीय सुरक्षा और देशभक्ति का संदेश, CISF का वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026 शुरू, नित्यानंद राय ने दिखाई हरी झंडी
देश की तटीय सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026 का आयोजन किया. ये इस साइक्लोथॉन का दूसरा संस्करण है, जिसकी शुरुआत बुधवार (28 जनवरी, 2026) को की गई. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नई दिल्ली से वर्चुअली इस साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
ये साइक्लोथॉन 25 दिनों तक चलेगी और ये वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है. ये कार्यक्रम अगले महीने की 22 तारीख यानी 22 फरवरी, 2026 तक चलेगा. इस साल साइक्लोथॉन की थीम रखी गई है- ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’, जिसका मकसद तटीय इलाकों की सुरक्षा के साथ-साथ देश की आर्थिक और सामाजिक मजबूती पर ध्यान केंद्रित करना है.
सुरक्षा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को जोड़ना साइक्लोथॉन का उद्देश्यः राय
इस मौके पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि CISF ने देश की सुरक्षा में, खासकर मुश्किल हालात में, हमेशा अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि CISF को इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड के तहत मान्यता प्राप्त सुरक्षा बल का दर्जा मिला हुआ है. CISF बंदरगाहों की सुरक्षा, समुद्री व्यापार और तटीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी बड़ी भूमिका निभा रही है.
Hon’ble Minister Of State For Home Affairs, Shri Nityanand Rai, Virtually Flagged Off The Vande Mataram CISF Coastal Cyclothon–2026.
On a fresh and inspiring morning, Shri Nityanand Rai, Hon’ble Minister of State for Home Affairs, virtually flagged off the Vande Mataram CISF… pic.twitter.com/eouTTwtrgs
— CISF (@CISFHQrs) January 28, 2026
नित्यानंद राय ने कहा कि इस साइक्लोथॉन के जरिए CISF तटीय सुरक्षा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को जोड़ना चाहती है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को इस मुहिम का अहम हिस्सा बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि इस दूसरे संस्करण का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय चेतना और एकता को बढ़ावा देना है, खासकर ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर.
CISF की दो टीमें साइक्लोथॉन में ले रही हिस्सा
इस साइक्लोथॉन में CISF की दो साइकिल टीम हिस्सा ले रही है. एक टीम पश्चिम बंगाल के बखाली से पूर्वी तट की ओर से यात्रा शुरू करेगी, जबकि दूसरी टीम गुजरात के लखपत किले से पश्चिमी तट की ओर से अपनी यात्रा शुरू करेगी. दोनों टीमें करीब 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए केरल के कोच्चि में मिलेंगी.
अभियान में कुल 148 जवानों में 65 महिलाएं शामिल
इस अभियान में कुल 148 CISF जवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 65 महिला कर्मी भी शामिल है. ये साइक्लोथॉन न सिर्फ तटीय सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक भागीदारी, फिटनेस और अनुशासन का भी संदेश देगी. खासतौर पर युवाओं और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. CISF की ये पहल साफ तौर पर दिखाती है कि सुरक्षा के साथ-साथ समाज को जोड़ना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना भी बल की प्राथमिकताओं में शामिल है.
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