इनकम टैक्स से सोना-चांदी तक… निर्मला सीतारमण बजट में इन चीजों को लेकर कर सकती हैं बड़े ऐलान
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी यानी रविवार को देश का आगामी बजट 2026 संसद के पटल पर पेश करेंगी. ऐसा पहली बार होगा, जब भारत सरकार अपना बजट रविवार यानी छुट्टी वाले दिन पेश कर रही है. इस बार के बजट से कई सेक्टर्स को काफी उम्मीद हैं. हम आपको बताते हैं, उन 5 सेक्टर के बारे में, जिनमें सकारात्मक ऐलान के लिए जनता उम्मीदें लगाकर बैठी है.
इनकम टैक्स पर छूट की उम्मीदें
इस बार के बजट से जनता को इनकम टैक्स को लेकर खास उम्मीदे हैं. पिछले साल सरकार ने 12 लाख की सालाना आय पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगाया था. सैलेरी बेस कर्मचारियों को 75 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा पहुंचाया था. इधर, टैक्स पेयर्स का मानना है कि इस छूट को बढ़ाकर 12 लाख से 14 लाख किया जाए. इसकी मांग सरकार से की जा रही है.
NPS सिस्टम में छूट की उम्मीद
इनकम टैक्स के अलावा नेशनल पेंशन सिस्टम में भी छूट को लेकर उम्मीदे हैं. सरकार ने इसमे नॉन गवर्नमेंट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए 80% फंड रिटायरमेंट के समय निकालने की अनुमति दी है. बाकी 20% एन्युटी के लिए सुरक्षित रखा है. इस बार उम्मीद है कि NPS छूट को नए टैक्स रिजीम में शामिल किया जाएगा, साथ ही 80% फंड निकासी के दौरान शून्य टैक्स का ऐलान किया जाएगा. इससे लोगों को बड़ा आर्थिक सपोर्ट मिल सके.
सोने चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की उम्मीद
सोने की कीमतों में इजाफा देखते हुए, अब इसे खरीदना आम आदमी के बस की बात नहीं है. ऐसे में ज्वैलरी शॉप पर डिमांड और सप्लाई में बढ़ा अंतर आया है. दुकानों पर ग्राहकों की गैरमौजूदगी देखी जा रही है. अब लोग सोना चांदी नहीं खरीदना चाहते हैं. मांग है कि सरकार सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को कम करे. जीएसटी दर भी घटाए. टैक्स में राहत दें. वर्तमान में चांदी की कीमत 3 लाख रुपये हैं. वहीं सोना 1.5 लाख रुपए है.
देश के किसानों को बजट से काफी उम्मीदें
इस बार के बजट से देश के किसानों को भी काफी उम्मीदें हैं. इनमें पीएम कृषि सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाले फंड को बढ़ाने की मांग है. वर्तमान में 6 हजार सालाना मिलते हैं, इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपए करने की मांग है. इससे किसानों को खेती में सपोर्ट मिल सके. इसके अलावा फसलों MSP में बढ़ोतरी की उम्मीद भी बजट से की जा रही है.
इश्योरेंस के सेक्टर को क्या उम्मीदें
इसके अलावा केंद्रीय बजट से इंश्योरेंस में छूट की उम्मीदे हैं. सरकार पहले ही जीएसटी में 0 कैटेगरी में रख चुकी है. इसके अलावा 100 फीसदी FDI को मंजूरी मिल चुकी है. अब उम्मीद की जा रही है कि लाइफ एंड हेल्थ इंश्योरेंस को गांव तक पहुंचाने के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया जाए.