‘जब सदन में PM आएंगे तो मैं ये किताब उन्हें दूंगा’, जनरल नरवणे की बुक को लेकर सरकार पर फायर राहुल गांधी
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर बुधवार (4 फरवरी) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोलेंगे तो मैं यह नरवणे जी की किताब उन्हें दूंगा.
राहुल गांधी ने कहा कि ये नरवणे जी की किताब है. इसमें उन्होंने पूरी डिटेल लिख रखी है. मुझे कहा गया है इस किताब को मैं कोट नहीं कर सकता हूं, लेकिन इसमें पूरा लिखा हुआ है. राहुल गांधी ने कहा कि इसमें मुख्य लाइन है और प्रधानमंत्री ने ये बात कही है कि जो उचित समझो, वह करो.
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उस वक्त जब चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और कहा कि कैलाश रीज पर चीनी टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है तो पहले राजनाथ सिंह जी ने जवाब नहीं दिया. राहुल गांधी ने आगे कहा कि उन्होंने जयशंकर जी से पूछा, अमित शाह जी से पूछा, राजनाथ सिंह से पूछा और NSA से भी पूछा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया.
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने फिर राजनाथ सिंह को फोन किया. राजनाथ सिंह ने कहा मैं टॉप से पूछता हूं और टॉप का ऑर्डर था कि अगर चीनी फोर्सज हमारी सीमा में आएंगे तो बिना मुझसे पूछे फायर नहीं करेंगे. नरवणे जी और सेना उस टाइम पर फायर करना चाहती थी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने मैसेज दिया कि जो उचित समझो वह करो.
‘नरेंद्र मोदी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी’
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी. उन्होंने आर्मी से कहा कि जो उचित लगे वह करो. मेरे बस की नहीं है. उन्होंने आगे बताया कि नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि उस वक्त मैं बिल्कुल अकेला और असहाय था. राहुल गांधी ने आखिर में फिर कहा कि जब प्रधानमंत्री सदन में आएंगे तो मैं व्यक्तिगत तौर पर ये किताब उन्हें दूंगा.
ये भी पढ़ें