क्या भारत में डीजल-पेट्रोल होगा महंगा? रूस से तेल न खरीदने के सवाल पर क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एबीपी न्यूज को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत-अमेरिका ट्रेड डील सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने रूसी तेल और अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस के बयान पर अपनी बातें रखी. ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदने पर सहमत हुआ है.

क्या भारत में महंगा होगा तेल?

इसे लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री से पूछा गया कि अगर हम रूस से तेल नहीं खरीदते हैं तो क्या भारत में ईंधन महंगा होगा और इसका दवाब आम जनता पर पड़ेगा? इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, ‘पीएम मोदी इस देश के हित के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे. पीएम मोदी पर मैं पूरा भरोसा करती हूं कि वो कुछ भी करेंगे तो देश के हित में करेंगे.’

अमेरिकी कृषि मंत्री के बयान पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण

भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील की घोषणा के बाद अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस के बयान ने भारत में चिंता बढ़ा दी. उन्होंने दावा किया कि इस ट्रेड डील से भारत के बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उन्होंने इस डील को अमेरिकी किसानों के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा, यूएस कृषि उत्पादों के भारत के बड़े बाजार तक पहुंच बढ़ने और इससे 1.3 अरब डॉलर के भारत के साथ अमेरिकी कृषि व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी.

इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘अभी ट्रेड को लेकर फाइनल साइन नहीं हुआ है जब होगा तो सही से पता चल जाएगा. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया कि कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की जाएगी. हमारे मंत्री ने संसद में ये स्टेटमेंट स्पष्ट किया. बाकी तो फाइनल एग्रीमेंट के बाद होगा.’

भारत के मेक इन इंडिया का क्या होगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर कहा, भारत अमेरिकी सामानों पर टैरिफ और नॉन टैरिफ बैरियर्स को जीरो करेगा. भारत ने 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला की खरीद पर सहमति जताई है.’ इसे लेकर वित्त मंत्री से पूछा गया कि भारत अगर यूएस के लिए मार्केट खोल रहा है तो मेक इन इंडिया का क्या होगा?

इस पर वित्त मंत्री ने कहा, ‘हम हमारे हितों की रक्षा करेंगे और पीएम मोदी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. इस पर पूरे भारत के नागरिक को भरोसा है. हम इस तरह के सवालों का जवाब संसद में देना चाहते हैं. विपक्ष जो एफटीए पर बात कर रहे थे वो अचानक इस ट्रेड डील के बाद कर रहे हैं कि देश को बेच रहे हो. हमारे नागरिक को उत्पादन कर रहे हैं उसका तो कुछ सम्मान करो.



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