‘तेलंगाना को बीते 12 साल में मिले 12 लाख करोड़, लेकिन…’, हैदराबाद में बोले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी


केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी ने तेलंगाना के विकास को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने पिछले 12 सालों में राज्य को मिलने वाली केंद्रीय सहायता का ब्यौरा देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने तेलंगाना के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जिसमें टैक्स शेयरिंग और बुनियादी ढांचे पर खर्च शामिल हैं. उन्होंने साफ किया कि पैसे की कमी नहीं है, बल्कि राज्य में भूमि अधिग्रहण में होने वाले भ्रष्टाचार की वजह से परियोजनाएं रुकी हुई हैं.

भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान होगाः जोशी

प्रह्लाद जोशी ने हैदराबाद में शुक्रवार (6 फरवरी, 2026) को मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम पैसा तो देते हैं, लेकिन यहां भूमि अधिग्रहण में भ्रष्टाचार होता है, जिसके कारण कार्य में देरी होती है.’ उन्होंने कहा कि जैसे ही भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान होगा, केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण के लिए भी पैसा देगी. उन्होंने यह भी बताया कि तेलंगाना में पहले ही 5,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है और आगे भी काम जारी रहेगा.

टैक्स बंटवारे में तेलंगाना को मिलेंगे 33,180 करोड़ रुपयेः जोशी

अपनी बात को मजबूती देते हुए केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों को सामने रखा. उन्होंने कहा कि इस बार भी तेलंगाना को टैक्स के बंटवारे में 33,180 करोड़ रुपये मिलेंगे. पिछले 12 वर्षों में टैक्स का कुल हस्तांतरण 2.52 लाख करोड़ रुपये रहा है.

इस दौरान उन्होंने UPA सरकार के दौर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जो लोग पूछते हैं कि तेलंगाना को क्या मिला, उन्हें यह समझना चाहिए कि UPA के दौरान यह राशि 60,000 करोड़ रुपये भी नहीं थी.’

स्थानीय निकायों के लिए केंद्रीय मंत्री ने की बड़ी घोषणाएं

इसके अलावा, जोशी ने राज्य के स्थानीय निकायों के लिए भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि 2026-27 से लेकर 2031-32 तक तेलंगाना के गांवों को ग्रामीण स्थानीय निकाय अनुदान (Rural Local Body Grants) के रूप में 9,968 करोड़ रुपये मिलेंगे. इसी तरह, शहरी स्थानीय निकायों को 11,548 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जिससे शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.

तेलंगाना की सियासत में केंद्र और राज्य सरकार के बीच धन बंटवारे को लेकर अक्सर तकरार देखने को मिलती है. प्रह्लाद जोशी का यह बयान उसी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें भाजपा राज्य सरकार को घेरने के लिए विकास के आंकड़ों और भ्रष्टाचार के मुद्दे को एक साथ उठा रही है. उनका संदेश साफ है कि केंद्र पैसा दे रहा है, लेकिन उसके सही इस्तेमाल में राज्य सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाया गया है.

यह भी पढे़ंः ‘महिला को उसकी मर्जी के बिना मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकते’, अबॉर्शन पर SC की अहम टिप्पणी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *