‘भारत भरोसे की सबसे मजबूत करेंसी’, कुआलालंपुर में बोले PM मोदी, मलेशिया के लिए कर दिया बड़ा ऐलान
मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में बताया है. उन्होंने कहा कि यह बात ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत विभिन्न देशों के साथ हाल में हुए व्यापार समझौतों में परिलक्षित होती है.
कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों को एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने शनिवार (7 फरवरी, 2026) को कहा कि भारतीय प्रवासी भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत पुल का काम करते हैं. विभिन्न देशों के साथ भारत की ओर से किए गए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में देखा जाता है.
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के भारत के साथ व्यापारिक समझौते हुए हैं और विश्वास भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है.
मलेशियाई पीएम और मैं प्रधानमंत्री बनने से पहले से दोस्त हैं- मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, इसका कारण हमारी भाषाओं और मलय भाषा में बड़ी संख्या में मौजूद समान शब्द ही होंगे. कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के स्नेह के लिए मैं आभारी हूं. हमारा प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता आ रहा है.’
उन्होंने कहा कि उन्हें मलेशिया में आकर बहुत खुशी हो रही है, जो 2026 में उनकी पहली विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा, ‘मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले से ही दोस्त हैं.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत हमेशा आपका खुले दिल से स्वागत करेगा. इसीलिए, कुछ महीने पहले ही हमने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों को छठी पीढ़ी तक ओसीआई कार्ड के लिए पात्र घोषित किया है.’
मलेशिया में खुलेगा भारतीय वाणिज्य दूतावास
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘भारतीय सरकार द्वारा ओसीआई कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक के भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों तक विस्तारित करने के निर्णय से प्रवासी मलेशियाई लोगों में अपार खुशी का माहौल है. आने वाले समय में मलेशिया में एक भारतीय वाणिज्य दूतावास भी खोला जाएगा, जिससे हमारे राष्ट्र और भी करीब आ जाएंगे.’
मलेशिया के 500 से ज्यादा स्कूल बच्चों को भारतीय भाषा में पढ़ाते हैं- मोदी
उन्होंने कहा, ‘मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं. दरअसल, तमिल प्रवासी यहां कई सदियों से रह रहे हैं. इस इतिहास से प्रेरित होकर, हमें मलय विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना करने पर गर्व है. अब हम अपनी साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करेंगे.’
मोदी ने कहा कि विश्व में भारतीय मूल के लोगों का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय मलेशिया में है और भारतीय और मलेशियाई लोगों के दिलों को जोड़ने वाली कई बातें हैं. उन्होंने कहा कि मैंने हाल में अपने मन की बात कार्यक्रम के दौरान 1.4 अरब भारतीयों के साथ साझा किया था कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूल बच्चों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाते हैं.
भारत की सफलता मलेशिया और एशिया की सफलता है- मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है और यह एशिया की सफलता है. इसीलिए मैं कहता हूं कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द इम्पैक्ट है. इम्पैक्ट का अर्थ है सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी.’
मोदी ने भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों से भारत की यात्रा करने और भारत का अनुभव करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा, ‘आपको अपने मलय मित्रों को भी साथ लाना होगा. क्योंकि लोगों के बीच संपर्क ही हमारी मित्रता की आधारशिला है.’
मुझे मोदी जी और भारत का मित्र होने पर गर्व- इब्राहिम
वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस मौके पर कहा, ‘भारत से एक अच्छे मित्र के मलेशिया में हमारे साथ शामिल होने से मैं व्यक्तिगत रूप से उत्साहित हूं.’ उन्होंने दोनों देशों के बीच प्राचीन संबंधों को याद किया. उन्होंने कहा, ‘भारत, मलेशिया के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है. हमारे बीच न केवल वस्तुओं का आदान-प्रदान होता है, बल्कि 2025 में 15 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया आए थे.’ उन्होंने कहा कि मुझे मोदी जी और भारत का मित्र होने पर गर्व है.
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