संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनने में भारत का समर्थन करेगा चीन? ड्रैगन के बदले सुर, पहली बार दिया पॉजिटिव सिग्नल
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार (10 फरवरी 2026) को भारत दौरे पर आए चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू के साथ बैठक की. इसमें बॉर्डर पर शांति और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता को लेकर चर्चा हुई. चीन ने स्पष्ट किया कि वह UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की आकांक्षाओं को समझता है और उनका सम्मान करता है.
भारत-चीन संबंधों को स्थिर रखने पर जोर दिया गया
दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए भारत-चीन के संबंधों को स्थिर रखना जरूरी है. चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री 8 से 10 फरवरी तक ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लेने के लिए भारत दौरे पर हैं. इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने का जिक्र किया और इसके विस्तार की उम्मीद जताई.
लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी
दोनों देशों ने एसर सर्विस एग्रीमेंट को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की आश्यकता पर जोर दिया. दोनों देश वीजा सुविधा प्रदान करने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए व्यावहारिक कदम जारी रखने पर सहमत हुए. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों अंतरराष्ट्रीय और इंटरनेशनल सिचुएशन में कॉम्प्लेक्स और बड़े बदलावों को देखते हुए चीन और भारत को राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच बनी जरूरी कॉमन अंडरस्टैंडिंग को सही तरीके से लागू करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.’
धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे भारत-चीन के रिश्ते
गलवान विवाद के बाद से भारत और चीन के बीच हाल के कुछ समय में तनाव कम हुए हैं. दोनों देशों के बीच सेवाएं धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं, जो गलवान विवाद की वजह से पूरी तरह से बंद हो गई थीं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ाकर और संवेदनशील मुद्दों पर चिंताओं को दूर करके संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
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