PM Modi LIVE | Narendra Modi AI Impact Summit 2026 Speech Update
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नई दिल्ली6 घंटे पहले
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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का गुरुवार को चौथा दिन है। समिट को आज कई ग्लोबल लीडर्स संबोधित कर रहे हैं।
दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉर्मूला दिया।
पीएम ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके।
वहीं, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को ‘इंटेलिजेंस युग’ में ले जाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश का बड़ा एलान किया है।
समिट को आज नरेंद्र मोदी और मुकेश अंबानी के अलावा गूगल के CEO सुंदर पिचाई और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे लीडर्स ने संबोधित किया।
16 फरवरी से शुरू समिट 20 फरवरी तक चलेगी। इसमें आज 110 से ज्यादा देश, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख और करीब 100 CEOs और फाउंडर्स शामिल हुए हैं।

समिट को आज पीएम नरेंद्र मोदी और रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के अलावा गूगल के CEO सुंदर पिचाई जैसे लीडर्स ने संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
1. एआई में भय नहीं ‘भाग्य’ और भविष्य: पीएम ने स्पष्ट किया कि दुनिया के कई देशों में जहां एआई को लेकर भय का माहौल है, वहीं भारत इसे अपने ‘भाग्य’ और उज्ज्वल भविष्य के रूप में देख रहा है। भारत इसे अपनी विकास यात्रा का अगला बड़ा टर्निंग पॉइंट मानता है।
2. M.A.N.A.V (मानव) विजन का प्रस्ताव: मोदी ने एआई के लिए एक नया ग्लोबल फ्रेमवर्क दिया। उन्होंने कहा कि एआई Moral (नैतिक), Accountable (जवाबदेह), National Sovereignty (संप्रभुता), Accessible (सुलभ) और Valid (वैध) होना चाहिए, ताकि यह केवल डेटा पॉइंट न बनकर मानवता के कल्याण का जरिया बने।
3. कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत: पीएम ने सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है।
4. AI को ‘ओपन सोर्स’ बनाएं: भारत ने दुनिया की ‘कॉन्फिडेंशियल’ सोच से अलग हटकर AI कोड को ‘ओपन शेयर’ करने की बात कही। पीएम का मानना है कि जब तकनीक सबके लिए खुली होगी, तभी दुनिया भर के युवा दिमाग उसे बेहतर और सुरक्षित बना पाएंगे।
5. ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच और नौकरियां: पीएम ने कहा कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युग में हैं जहां इंसान और मशीन मिलकर क्रिएट करेंगे। उन्होंने स्किलिंग और रिस्किलिंग को एक ‘मास मूवमेंट’ बनाने पर जोर दिया।
अंबानी बोले- डेटा की तरह सस्ता होगा AI

रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात साल में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे।
AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेंगा बल्कि, यह हाई-स्किल काम के नए मौके पैदा करेगा।
देश का पहला ‘नेक्स्ट जनरेशन’ डेटा सेंटर बनाएगा टाटा ग्रुप

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप अगली पीढ़ी की एआई ट्रेनिंग और इंफ्रेंस के लिए खास तौर पर तैयार भारत का पहला लार्ज-स्केल ‘AI-ऑप्टिमाइज्ड’ डेटा सेंटर बना रहा है। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने इसकी पहली 100 मेगावाट क्षमता बनाने के लिए ओपन एआई के साथ साझेदारी की है, जिसे आगे चलकर एक गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।
सुंदर पिचाई बोले- अरबों लोगों की जिंदगी बदलेगा AI

गूगल भारत में अपने 15 बिलियन डॉलर (1.35 लाख करोड़ रुपए) के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के हिस्से के रूप में एक ‘फुल स्टैक AI हब’ स्थापित कर रहा है। इस हब में गीगावाट स्केल की कंप्यूटिंग और एक नया इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे होगा।
हर किसी के लिए उपयोगी AI बनाने के लिए हमें साहसिक कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है और सबसे कठिन समस्याओं को हल कर सकता है। हमें उन क्षेत्रों की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी उतना ही साहसी होना चाहिए जहां अब तक तकनीक की पहुंच नहीं थी।
नेमप्लेट पर ‘भारत’: जी-20 के बाद फिर दिखा वही संदेश

समिट के प्लेनरी सेशन के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी मंच पर बैठे, तो उनके सामने रखी टेबल पर देश के नाम की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखा हुआ था। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम ‘भारत’ इस्तेमाल किया गया हो।
इससे पहले 2024 में दिल्ली में हुए जी-20 समिट में भी पीएम की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखा था। उस समय राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए न्योता पत्र में भी ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया था, जिस पर काफी चर्चा हुई थी।
ओपनएआई और एंथ्रोपिक ने ग्रुप फोटो में नहीं पकड़ा हाथ

AI कंपनी ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच की कॉम्पिटिशन एक बार फिर चर्चा में है। आज इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एक ग्रुप फोटो ली जा रही थी। इस दौरान ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के को-फाउंडर डारियो अमोदेई एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा।

खबर के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
07:32 AM19 फ़रवरी 2026
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पीएम मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें
1. ‘ब्लैक बॉक्स’ नहीं, ‘ग्लास बॉक्स’ अप्रोच की मांग
एआई प्लेटफॉर्म्स को ‘ब्लैक बॉक्स’ (जहां अंदर क्या चल रहा है किसी को पता न हो) के बजाय ‘ग्लास बॉक्स’ की तरह होना चाहिए। इसका मतलब है कि एआई के सेफ्टी रूल्स इतने साफ और पारदर्शी हों कि उन्हें कोई भी देख और वेरीफाई कर सके, जिससे कंपनियों की जवाबदेही तय हो सके।
2. डेटा के लिए ग्लोबल ट्रस्टेड फ्रेमवर्क
एआई की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटा पर पीएम ने ‘गार्बेज इन, गार्बेज आउट’ का सिद्धांत समझाया। उन्होंने कहा कि अगर डेटा सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं होगा, तो एआई का आउटपुट भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए उन्होंने डेटा संप्रभुता का सम्मान करने और एक वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय डेटा फ्रेमवर्क बनाने का सुझाव दिया।
3. ‘पेपर क्लिप प्रॉब्लम’ और इंसानी नियंत्रण
प्रधानमंत्री ने एक तकनीकी उदाहरण के जरिए चेतावनी दी कि एआई को बिना मानवीय मूल्यों के नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने ‘पेपर क्लिप प्रॉब्लम’ का जिक्र करते हुए बताया कि अगर किसी मशीन को सिर्फ एक छोटा सा लक्ष्य दे दिया जाए, तो वह उसे पूरा करने के लिए दुनिया के सारे संसाधन दांव पर लगा सकती है। इसलिए टेक्नोलॉजी की दिशा हमेशा इंसान ही तय करेगा।
4. भारत का एआई मिशन: 6 महीने में 24,000 नए GPUs
भारत एआई के क्षेत्र में अपनी ताकत तेजी से बढ़ा रहा है। पीएम ने बताया कि देश में अभी 38,000 GPUs मौजूद हैं और अगले 6 महीनों में 24,000 और GPUs जोड़े जाएंगे।
5. एआई पावर नहीं, सेवा का माध्यम है
भारत के लिए टेक्नोलॉजी सत्ता हथियाने का हथियार नहीं, बल्कि सेवा का जरिया है। उन्होंने यूपीआई (UPI) और कोविन (CoWIN) का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे इन प्लेटफॉर्म्स ने डिजिटल डिवाइड को खत्म किया, वैसे ही एआई को भी ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के लिए सुलभ होना चाहिए। एआई का मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि मानवता का कल्याण होना चाहिए।
07:20 AM19 फ़रवरी 2026
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पीएम मोदी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के लीडर्स प्लेनरी सेशन में शामिल हुए

07:19 AM19 फ़रवरी 2026
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अब बात सिर्फ एक्सपेरिमेंट की नहीं बल्कि इसे अपनाने की है; विप्रो के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रिशद प्रेमजी

हम अब एक बड़े बदलाव के मोड़ पर हैं। अब बातचीत संभावनाओं से हटकर असलियत पर आ गई है; अब बात सिर्फ एक्सपेरिमेंट की नहीं बल्कि इसे अपनाने की है।
ये सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रहा, अब इसका असर बड़े पैमाने पर दिख रहा है। टेक्नोलॉजी तभी मायने रखती है जब उसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ और बड़े स्तर पर दुनिया की असली समस्याओं को सुलझाने के लिए किया जाए।
07:07 AM19 फ़रवरी 2026
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अब हमारे पास किसी भी भाषा में जानकारी पाने का रास्ता: विशाई सिक्का, CEO, वियानाई

अब हमारे पास किसी भी भाषा में जानकारी पाने का तुरंत रास्ता है। यह एक जबरदस्त ताकत है और हमारे पुराने काम करने के तरीकों को पूरी तरह से बदल देने वाली है। साथ ही, अब हम ऐसी चीजें और ऐसे काम कर सकते हैं जो पहले कभी मुमकिन नहीं थे।
06:54 AM19 फ़रवरी 2026
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अंबानी और रिलायंस जियो के साथ गहरी पार्टनरशिप की हसाकिस ने तारीफ की

गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाकिस ने कहा: भारत में हमारी कई पार्टनरशिप हैं। मुझे मिस्टर अंबानी और रिलायंस जियो ग्रुप के साथ हमारी गहरी साझेदारी पर गर्व है। रिलायंस के साथ मिलकर हम अपने ‘जेमिनी फाउंडेशन मॉडल्स’ के जरिए भारत के हर व्यक्ति तक इंटेलिजेंस पहुंचाएंगे। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में हम इसे और आगे ले जाएंगे।
06:44 AM19 फ़रवरी 2026
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अंबानी बोले- साबित करेंगे कि AI नौकरियां नहीं छीनता
हम साबित करेंगे कि AI नौकरियां नहीं छीनता, बल्कि हाई-स्किल काम के नए मौके देता है। उन्होंने ये भी कहा कि AI की कहानी अब इस बात से बदल गई है कि कौन सबसे अच्छा मॉडल बना सकता है, बल्कि अब मुकाबला इस पर है कि इस्तेमाल की रफ्तार और स्केल के लिए कौन सबसे मजबूत इकोसिस्टम तैयार करता है। इसलिए हम भारतीय कंपनियों, संस्थानों, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रियल ग्रुप्स के साथ गहरी पार्टनरशिप करेंगे।
06:39 AM19 फ़रवरी 2026
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अंबानी बोले- भारत का अपना कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा जियो इंटेलिजेंस
जियो इंटेलिजेंस गीगावाट (GW) स्केल के डेटा सेंटर्स के जरिए भारत का अपना खुद का ‘सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर’ तैयार करेगा। हमने जामनगर में मल्टी-गीगावाट एआई डेटा सेंटर बनाने का काम पहले ही शुरू कर दिया है। साल 2026 के दूसरे हिस्से तक 120 मेगावाट (MW) से ज्यादा की क्षमता शुरू हो जाएगी।
हमारे पास खुद की बिजली की सुविधा और देशभर में फैला ‘एज कंप्यूट’ नेटवर्क है। इससे इंटेलिजेंस की स्पीड बढ़ेगी और यह सस्ता होगा। साथ ही, यह भारतीयों के रहने, सीखने और काम करने वाली जगहों के बिल्कुल करीब होगा। जियो इंटेलिजेंस प्रोडक्टिविटी और कार्यक्षमता (एफिशिएंसी) बढ़ाने का एक बड़ा जरिया बनेगा।
06:37 AM19 फ़रवरी 2026
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भारत में ‘इंटेलिजेंस युग’ लाने के लिए करेंगे ₹10 लाख करोड़ का निवेश
अंबानी ने एलान किया है कि जियो इकोनॉमी के हर सेक्टर को सर्विस देकर भारत को इंटेलिजेंस युग (बौद्धिक युग) से जोड़ेगा। अंबानी ने कहा, “हम इंटेलिजेंस की कीमत में भी वैसी ही भारी कटौती करेंगे, जैसी हमने डेटा की कीमतों में की थी। जियो और रिलायंस मिलकर इस साल से अगले सात सालों में 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करेंगे।”
06:22 AM19 फ़रवरी 2026
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अंबानी बोले- AI आधुनिक युग का ‘अक्षय पात्र’
AI एक ऐसा मंत्र है जो हर मशीन और सिस्टम को बेहतर और तेजी से काम करने की शक्ति देता है। मैं AI को महाभारत के ‘अक्षय पात्र’ के आधुनिक स्वरूप के रूप में देखता हूं। हम AI युग की शुरुआत में हैं और इसका सबसे बेहतरीन दौर आना अभी बाकी है।
21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बनकर उभरेगा। आने वाले दशकों में लोकतंत्र, डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी), विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा जनरेशन और AI हार्वेस्ट के मामले में दुनिया का कोई भी देश भारत की बराबरी नहीं कर पाएगा।
06:14 AM19 फ़रवरी 2026
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रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने समिट में अपना मुख्य भाषण शुरू किया

06:11 AM19 फ़रवरी 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
- एआई में भय नहीं ‘भाग्य’ और भविष्य: पीएम ने स्पष्ट किया कि दुनिया के कई देशों में जहां एआई को लेकर भय का माहौल है, वहीं भारत इसे अपने ‘भाग्य’ और उज्ज्वल भविष्य के रूप में देख रहा है। भारत इसे अपनी विकास यात्रा का अगला बड़ा टर्निंग पॉइंट मानता है।
- M.A.N.A.V (मानव) विजन का प्रस्ताव: मोदी ने एआई के लिए एक नया ग्लोबल फ्रेमवर्क दिया। उन्होंने कहा कि एआई Moral (नैतिक), Accountable (जवाबदेह), National Sovereignty (संप्रभुता), Accessible (सुलभ) और Valid (वैध) होना चाहिए, ताकि यह केवल डेटा पॉइंट न बनकर मानवता के कल्याण का जरिया बने।
- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत: डीपफेक और फेक न्यूज के खतरे को देखते हुए पीएम ने सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है।
- एआई को ‘ओपन सोर्स’ बनाने की वकालत: भारत ने दुनिया की ‘कॉन्फिडेंशियल’ सोच से अलग हटकर एआई कोड को ‘ओपन शेयर’ करने की बात कही। पीएम का मानना है कि जब तकनीक सबके लिए खुली होगी, तभी दुनिया भर के युवा दिमाग उसे बेहतर और सुरक्षित बना पाएंगे।
- ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच और नौकरियां: पीएम ने भरोसा दिलाया कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युग में हैं जहां इंसान और मशीन ‘Co-create’ (साथ मिलकर सृजन) करेंगे। उन्होंने स्किलिंग और रिस्किलिंग को एक ‘मास मूवमेंट’ बनाने पर जोर दिया।
05:50 AM19 फ़रवरी 2026
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इंडिया AI समिट में ‘फैमिली फोटो’ के लिए दुनिया के बड़े नेताओं के साथ शामिल हुए पीएम मोदी
05:21 AM19 फ़रवरी 2026
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भविष्य की पीढ़ी के लिए सही AI छोड़ना हमारी जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि AI में रफ्तार और पैमाना अकल्पनीय है। हमें AI के क्षेत्र में बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। हमें यह ध्यान में रखना होगा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए कैसा AI छोड़कर जा रहे हैं और वर्तमान में हम AI के जरिए क्या कर रहे हैं। हमने अतीत में परमाणु विनाश भी देखा है और समाधान भी।
05:12 AM19 फ़रवरी 2026
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पीएम मोदी बोले- युवाओं का AI अपनाना बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समिट में शामिल होने वाले सभी लोग AI को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। शुरुआत में कुछ लोगों को ऐसी तकनीक पर संदेह होता है, लेकिन जिस तरह से हमारे युवा इसे अपना रहे हैं और इस पर अधिकार जता रहे हैं, वह एक बड़ा कदम है। यहां जो कोई भी समाधान प्रदर्शित कर रहा है, चाहे वह कृषि, शिक्षा या स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो, वह ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को दर्शाता है।
05:09 AM19 फ़रवरी 2026
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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले- भारत ने वो किया जो कोई नहीं कर सका
भारत ने वह कर दिखाया है जो दुनिया का कोई दूसरा देश नहीं कर सका। 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान तैयार की। एक ऐसा पेमेंट सिस्टम बनाया जो अब हर महीने 20 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जिसने 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ आईडी जारी की हैं। नतीजे आपके सामने हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि AI, GPU और चिप्स अब सीधे तौर पर जियोपॉलिटिकल और मैक्रो-इकोनॉमिक शब्दों में बदल गए हैं। मुझे कहना होगा कि कभी यह बेहतरी के लिए होता है, तो कभी बुरे के लिए। एक साल पहले हमने कुछ और करके दिखाया था…
भारत ने एक बहुत ही सोच-समझकर ‘सॉवरेन चॉइस’ (संप्रभु विकल्प) चुनी है-SML यानी स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स। ये टास्क-स्पेसिफिक हैं और स्मार्टफोन पर चलने के लिए डिजाइन किए गए हैं। भारत ने सरकार द्वारा फंडेड पहला AI बनाया और देश के हर स्टार्टअप को सबसे सस्ती दरों पर 38,000 GPUs उपलब्ध कराए।”
04:54 AM19 फ़रवरी 2026
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सिर्फ चंद देश तय नहीं करेंगे AI का भविष्य
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि AI का भविष्य मुट्ठी भर देश तय नहीं कर सकते। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के 40 प्रमुख एक्सपर्ट्स का एक पैनल बनाया गया है, जिसका स्पष्ट संदेश है कि AI पर सबका अधिकार होना चाहिए। हमें AI को लेकर फैले डर और बढ़ा-चढ़ाकर की जा रही बातों को हटाकर जानकारी के अंतर को खत्म करना होगा। हम संयुक्त राष्ट्र के भीतर AI गवर्नेंस पर एक वैश्विक संवाद शुरू कर रहे हैं। हमें ऐसे ‘गार्डरेल्स’ (सुरक्षा नियमों) की जरूरत है जो मानवीय नियंत्रण और जवाबदेही को सुरक्षित रखें। मैं विकासशील देशों में बुनियादी क्षमता निर्माण के लिए एक ‘ग्लोबल फंड फॉर AI’ बनाने की अपील कर रहा हूं।
04:44 AM19 फ़रवरी 2026
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सुंदर पिचाई बोले- अरबों लोगों की जिंदगी बदलेगा AI

गूगल भारत में अपने 15 बिलियन डॉलर (1.35 लाख करोड़ रुपए) के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के हिस्से के रूप में एक ‘फुल स्टैक AI हब’ स्थापित कर रहा है। इस हब में गीगावाट स्केल की कंप्यूटिंग और एक नया इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे होगा।
हर किसी के लिए उपयोगी AI बनाने के लिए हमें साहसिक कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है और सबसे कठिन समस्याओं को हल कर सकता है। हमें उन क्षेत्रों की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी उतना ही साहसी होना चाहिए जहां अब तक तकनीक की पहुंच नहीं थी।
04:39 AM19 फ़रवरी 2026
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एंथ्रोपिक CEO बोले- इंसानी दिमाग से भी तेज हुए AI मॉडल
एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने कहा कि पिछले 2.5 साल में टेक्नोलॉजी की प्रगति और AI के कॉमर्शियल एप्लिकेशन वाकई चौंकाने वाले रहे हैं। पिछले 10 सालों से AI एक्सपोनेशियल ग्रोथ पर है और अब हम एक बहुत ही एडवांस्ड कर्व पर पहुंच चुके हैं।
अब ऐसे कुछ AI मॉडल मौजूद हैं जो अधिकांश इंसानों की संज्ञानात्मक क्षमताओं (Cognitive Capabilities) को पीछे छोड़ रहे हैं। इस तरह की क्षमताएं अपने साथ बड़े पैमाने पर अवसर और चुनौतियां दोनों लेकर आती हैं। AI में गरीबी को जड़ से खत्म करने और ग्लोबल साउथ सहित पूरी दुनिया में मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की अद्भुत क्षमता है।
04:34 AM19 फ़रवरी 2026
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देश का पहला ‘नेक्स्ट जनरेशन’ डेटा सेंटर बनाएगा टाटा ग्रुप
टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप भारत का पहला बड़े पैमाने पर ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है, जिसे खास तौर पर अगली पीढ़ी के लिए बनाया जा रहा है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने इसके लिए OpenAI के साथ साझेदारी की है। हम वर्ल्ड-क्लास AI रैक आर्किटेक्चर को टाटा की इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के साथ जोड़ेंगे। हम एक AI डेटा इनसाइट्स प्लेटफॉर्म बना रहे हैं।
04:29 AM19 फ़रवरी 2026
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एन चंद्रशेखरन बोले- देश की ताकत बन रहा AI

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, “पिछले कुछ सालों में हमारे प्रधानमंत्री के विजन के तहत भारत ने AI को एक स्ट्रैटेजिक नेशनल कैपेबिलिटी के तौर पर देखा है। इसमें चिप्स से लेकर सिस्टम, एनर्जी और एप्लिकेशन तक, पूरे इकोसिस्टम को एक साथ जोड़ा गया है। सेमीकॉन इंडिया, इंडिया AI मिशन और सबसे जरूरी हाल ही में आए ‘शांति एक्ट’ जैसे क्लीन एनर्जी सुधारों के जरिए हम भरोसे, मजबूती और लॉन्ग-टर्म कॉम्पिटिटिवनेस के साथ बड़े पैमाने पर AI तैयार कर रहे हैं।”
04:17 AM19 फ़रवरी 2026
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अश्विनी वैष्णव बोले- पीएम मोदी का विजन आम लोगों तक टेक्नोलॉजी पहुंचाना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “ग्लोबल साउथ के पहले और अब तक के सबसे बड़े AI समिट में आप सभी का स्वागत है। इस आयोजन में 118 देशों ने हिस्सा लिया है, इस समिट को इतना सफल बनाने के लिए आप सभी का शुक्रिया। पीएम नरेंद्र मोदी का मानना है कि टेक्नोलॉजी की असली ताकत तभी है जब उसका फायदा आम जनता तक पहुंचे। हमारे प्रधानमंत्री का विजन तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना, उसे बड़े स्तर पर लागू करना और समाज के हर व्यक्ति तक इसकी पहुंच आसान बनाना है।”
04:12 AM19 फ़रवरी 2026
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मोदी समिट में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे
04:10 AM19 फ़रवरी 2026
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PM का आज का कार्यक्रम
मोदी इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का दौरा करेंगे। यहां अलग-अलग देशों के पवेलियन लगाए जाएंगे।
दोपहर करीब 12 बजे लीडर्स प्लेनरी में हिस्सा लेंगे। इसमें AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा होगी।
शाम 5:30 बजे CEO राउंडटेबल में शामिल होंगे। इसमें बड़ी टेक कंपनियों के अधिकारी इन्वेस्टमेंट, रिसर्च और AI के इस्तेमाल पर सरकार के साथ बातचीत करेंगे।
04:09 AM19 फ़रवरी 2026
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16 फरवरी: PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया
PM मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी।
ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है।
यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है।

04:09 AM19 फ़रवरी 2026
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‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की थीम पर समिट
इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं।
तीन ‘सूत्रों’ पर टिका है समिट का विजन
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है- पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)।
पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे।
प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना।
प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले।

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