Why Israelis Visit India After Army Training: सेना में ट्रेनिंग के बाद भारत के इस शहर में रहने आते हैं इजरायली लोग, जानें क्यों खास है यह जगह?


Why Israelis Visit India After Army Service: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को दो दिनों के दौरे पर इजरायल पहुंच रहे हैं. इस दौरान वे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात करने के साथ वहां की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे.  चलिए आपको इसके इतर बताते हैं कि आखिर इजरायल के लोगों को इंडिया आना इतना क्यों पसंद है, क्योंकि  हर साल हिमाचल प्रदेश उन हजारों इजरायली युवाओं की मेजबानी करता है, जो अपनी अनिवार्य दो साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद कुछ समय के लिए ब्रेक पर भारत आते हैं. धौलाधार की हरियाली से घिरे छोटे से गांव धर्मकोट में उनकी मौजूदगी इतनी ज्यादा है कि लोग इसे अब पहाड़ों का ‘तेल अवीव’ कहने लगे हैं.

मार्च से शुरू होता है आने का सिलसिला

मार्च से ही इजरायली पर्यटक हिमाचल का रुख करना शुरू कर देते हैं और अक्टूबर तक उनकी संख्या लगातार बढ़ती रहती है. इसके बाद कई लोग गोवा की ओर निकल जाते हैं. सैन्य सेवा समाप्त करते ही भारत पहुंचीं मेइकाल नाम की एक युवती बताती हैं ने मीडिया को बताया था कि इजरायलियों के लिए भारत किसी दूसरे घर जैसा है. उनके मुताबिक, भारत का कल्चर, इतिहास और यहां के लोगों को लेकर इजरायल में गहरा आकर्षण है. धर्मशाला से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित धर्मकोट में हिब्रू भाषा के बोर्ड आम नजर आते हैं. यहां चार मंजिला चबाड हाउस भी है, जो यहूदी समुदाय का प्रमुख केंद्र है. गांव के ज्यादातर गेस्ट हाउस इजरायली पर्यटकों से भरे रहते हैं और छोटे रेस्तरां में फलाफल व हम्मस जैसे व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं.

आध्यात्मिक सुकून के लिए इजरायल का दौरा

HT की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव से आए माइकल एलोन का कहना है कि इजरायल मुख्यतः शहरों और रेगिस्तानी इलाकों का देश है, जबकि हिमाचल की पहाड़ियां उन्हें आध्यात्मिक सुकून देती हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इजरायली आमतौर पर समूह में रहते हैं और ज्यादा मेलजोल नहीं रखते. दिन का बड़ा हिस्सा वे आराम, बातचीत और खाने-पीने में बिताते हैं, जबकि कुछ लोग शांत हिमालयी रास्तों पर ट्रेकिंग के लिए निकल जाते हैं. शाम होते-होते कई पर्यटक गांव के बीच स्थित चबाड हाउस में इकठ्ठा होते हैं. कुल्लू का कसोल गांव भी उनकी पसंदीदा जगहों में शामिल है. एक अन्य इजरायली पर्यटक आरिया कहती हैं कि वे गाना, नाचना और दिन-रात का आनंद लेना चाहते हैं, और हिमालय की गोद में बसे ये शांत गांव इसके लिए आदर्श माहौल देते हैं.

क्यों सैनिक ट्रेनिंग के बाद भारत आना पसंद?

Timesofisrael में छपे एक लेख में वहां के एक सैनिक ने बताया था कि भारत इजरायली युवाओं को सैन्य सेवा के बाद मानसिक सुकून, आत्मचिंतन और हल्कापन देता है. उनको यहां की संस्कृति, आध्यात्मिक माहौल, पहाड़ों की शांति और लोगों की सादगी उन्हें आकर्षित करती है. रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर, भारत उन्हें भीतर का बोझ उतारने और नए नजरिये से जीवन को देखने का मौका देता है. इसलिए वे भारत आना पसंद करते हैं. 

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