पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर तालिबानी ड्रोन हमले के बाद सेना में दहशत, नमाज पढ़ रहे अपने ही नागरिकों को पुलिस ने उठाया


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के नौशेरा इलाके में स्थित पाकिस्तानी सेना की आर्टिलरी ट्रेनिंग स्कूल के पास आज दोपहर में दो बड़े ड्रोन हमले अफगानिस्तान की सेना ने किए, पहले हमले में आर्टिलरी ट्रेनिंग स्कूल में बना एग्जामिनेशन हॉल तहस नहस हो गया और दूसरे हमले में ड्रोन पाकिस्तानी सेना की आर्टिलरी ट्रेनिंग स्कूल के पास जाकर गिरा.

पाकिस्तानी पुलिस नौशेरा में अफगान मूल के लोगों को पकड़ रही

अफगान सेना के इतने सटीक हमले के बाद पाकिस्तानी पुलिस नौशेरा में रहने वाले अफगानिस्तान मूल के लोगों को दौड़ा दौड़ा कर पकड़ रही है. जानकारी के मुताबिक नौशेरा कैंट में सेना के आर्टिलरी स्कूल के पास ही अफगानी मूल के 100 से ज़्यादा परिवार रहते हैं जो 90 के दशक में तालिबान से परेशान होकर पाकिस्तान शरण लेने आए थे. इसके बाद उनके बच्चे और पोते पाकिस्तान में पैदा हुए जिनका सेंट्रलाइज्ड नेशनल आइडेंटिफिकेशन कार्ड (CNIC) भी बन गया लेकिन पाकिस्तान ने पिछले साल फरवरी में अफ़ग़ानिस्तान के साथ गतिरोध शुरू होने के बाद इन्हें पाकिस्तान छोड़ कर जाने को कहा.

कई परिवारों ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दायर की

पाकिस्तानी हुकूमत के इस फैसले का कई परिवारों ने विरोध किया और पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी जहाँ पर मामला अभी भी लंबित है. ऐसे में अफ़ग़ानिस्तान के द्वारा बीते दो दिनों से नौशेरा में स्थित सेना के शिविरों और इमारतों पर हमले के बाद आज नौशेरा पुलिस उस वक्त इन्हें पकड़ने पहुची जब ये लोग रमजान के महीने में नमाज़ पढ़ रहे थे.

पुलिस ने नमाज़ पढ़ रहे इन अफगान मूल के पाकिस्तानियों को पहले नमाज पढ़ने से रोका और गिरफ़्तार करने लगी जिसके बाद कई अफगान मूल के लोग भागने लगे. जानकारी के मुताबिक 15 से ज्यादा अफगानी मूल के पाकिस्तानी नागरिकों को नौशेरा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें मिलिट्री इंटेलिजेंस के हवाले कर दिया है जो इनके साथ तालिबान के लिए मुखबरी करने के आरोप में पूछताछ कर रही है. नौशेरा में अफगान मूल के पाकिस्तानी लोगो पर ये कार्रवाई पेशावर में स्थित पाकिस्तानी सेना के 11 कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ओमर बुखारी के आदेश पर चल रही है.

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