EXCLUSIVE: ‘भारत दोनों का दोस्त…’ फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष पर दी प्रतिक्रिया, जानें PM मोदी को लेकर क्या कहा
एबीपी न्यूज से हुई एक सुपर-एक्सक्लूसिव बातचीत में फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वार्सेन अगाबेकियन शाहिन ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उनके फिलिस्तीनी संघर्ष पर पड़ने वाले गहरे प्रभावों पर खुलकर अपनी बात रखी. विदेश मंत्री शाहिन ने कहा, ‘इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष अब केवल जमीन या सीमाओं का विवाद नहीं रह गया है. यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक कूटनीति को प्रभावित कर रहा है.’ उनके अनुसार फिलिस्तीन में जारी अस्थिरता का असर पड़ोसी देशों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक गठबंधनों पर साफ तौर पर दिखाई देता है.
फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वार्सेन अगाबेकियन शाहिन ने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बात करते हुए कहा, ‘भारत की स्थिति खास है, क्योंकि वह इजरायल और फिलिस्तीन दोनों का दोस्त है.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत एक सेतु की भूमिका निभा सकता है और लोकतंत्र, मानवाधिकार तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अपने मूल्यों के आधार पर शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सकारात्मक योगदान दे सकता है.
शांति की शुरुआत और इजरायल से अपेक्षाएं
शांति की प्रक्रिया को लेकर मंत्री शाहिन ने कहा कि इसकी शुरुआत इजरायल की ईमानदार मंशा से होनी चाहिए. उनके अनुसार इजरायल को यह समझना होगा कि अपने पड़ोसियों की सुरक्षा के बिना उसकी अपनी सुरक्षा संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि शांति की एक कीमत होती है और उस कीमत को चुकाने की राजनीतिक इच्छा दिखाना अनिवार्य है.
नेतन्याहू सरकार और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इजरायल की मौजूदा नेतन्याहू सरकार पर बात करते हुए मंत्री शाहिन ने कहा कि नेतन्याहू खुले तौर पर फिलिस्तीनी राज्य के खिलाफ बयान देते रहे हैं. ऐसे में उनसे बिना किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के शांति पहल की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका से लेकर भारत तक, जहां भी प्रभाव है, वहां से दबाव बनाना जरूरी होगा.
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