Iran-Israel War: ईरान-अमेरिका जंग के बीच दिल्ली लौटे यात्री, होली-ईद के मौके पर परिवारों को मिली राहत, बताया कैसे थे हालात
दिल्ली के कई परिवारों के लिए इस बार होली और ईद सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि अपनों के सुरक्षित लौटने की खुशी लेकर आई है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जो लोग वहां फंसे हुए थे, वे अब धीरे-धीरे भारत लौट रहे हैं. कई दिनों तक परिजन फोन पर हालचाल लेते रहे और चिंता में डूबे रहे. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार (3 मार्च 2026) को दुबई, ओमान और अबू धाबी से आने वाले यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई. लौटने वाले कई यात्रियों ने कहा कि वहां हालात तनावपूर्ण जरूर थे, लेकिन डरावने या खतरनाक नहीं. उनके अनुसार, ज्यादातर चीजें सामान्य रूप से चल रही थीं. ज्यादा चिंता भारत में बैठे परिवार वालों को थी, जो लगातार खबरें देख रहे थे.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम की रहने वाली 30 वर्षीय अंशिका अपने पति का इंतजार कर रही थीं, जो दुबई में फंस गए थे. दोनों की शादी 14 फरवरी को हुई थी. उनके पति 28 फरवरी को लंदन के लिए निकले थे, लेकिन हालात बिगड़ने पर वे ओमान के रास्ते दिल्ली लौटे. अंशिका ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘शादी के बाद हमारी यह पहली होली है. मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं कि वे सुरक्षित घर लौट आए.’ उन्होंने बताया कि हर घंटे उनके पति फोन कर बताते थे कि अलार्म बज रहे हैं और इमरजेंसी अलर्ट जारी हो रही हैं.
दिल्ली एयरपोर्ट के कैसे है हालात?
दिल्ली एयरपोर्ट पर लगातार चौथे दिन संचालन प्रभावित रहा. मंगलवार को दिल्ली से आने-जाने वाली कम से कम 80 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 36 प्रस्थान और 44 आगमन शामिल थे. 200 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं. रविवार को 104 और सोमवार को 87 उड़ानें रद्द हुई थीं. इमिग्रेशन ब्यूरो ने फंसे हुए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बाहर निकलने की अनुमति देने के लिए 300 से अधिक अस्थायी प्रवेश परमिट जारी किए. भीड़ को संभालने के लिए एयरपोर्ट पर दो अतिरिक्त सूचना काउंटर बनाए गए और क्विक रिएक्शन टीमें तैनात की गईं.
लोगों ने साझा किया अपना अनुभव
साकेत के रियल एस्टेट कारोबारी आकाश सक्सेना दुबई से ओमान होते हुए लौटे. उन्होंने बताया कि माहौल तनावपूर्ण था लेकिन अफरातफरी नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘पहली बार जब मिसाइल रोके जाने की आवाज सुनी तो डर लगा. मैं उस समय अपनी मां से फोन पर बात कर रहा था.’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वहां सरकार की ओर से व्यवस्था ठीक थी, लेकिन घर लौटना ज्यादा सुरक्षित लगा. नोएडा की दीपा दुबई घूमने गई थीं. उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोग थोड़े डरे हुए थे और भारत में परिवार वाले ज्यादा चिंतित थे. “हमें नहीं पता था कि हमारी फ्लाइट उड़ेगी या नहीं. लेकिन अब घर लौटकर सुकून है.’ 65 वर्षीय नीता अपनी बेटी के साथ अबू धाबी गई थीं. उन्होंने बताया कि हालात बिगड़ते देख उन्होंने न रूकने का फैसला किया.