Rang Panchami 8 March 2026: रंग पंचमी, पृथ्वी पर उतरते हैं देवी-देवता! रंगों में छिपा है अद्भुत रहस्य


Rang Panchami 2026: होली के बाद आने वाला रंग पंचमी का त्योहार सिर्फ रंग खेलने का पर्व नहीं है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्वर्गलोक के देवी-देवता स्वयं पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों के साथ रंगोत्सव मनाते हैं. इसलिए इस पर्व को देव पंचमी और श्री पंचमी भी कहा जाता है.

ब्रज क्षेत्र में लगभग 40 दिनों तक चलने वाले रंगोत्सव का समापन भी इसी दिन होता है. माना जाता है कि इस दिन वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है और नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं.

जयपुर-जोधपुर स्थित पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, रंग पंचमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी और देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने का दिन माना जाता है.

रंग पंचमी 2026 तिथि और शुभ समय

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रंग पंचमी मनाई जाती है.

  • पंचमी तिथि प्रारंभ: 07 मार्च 2026, शाम 7:17 बजे
  • पंचमी तिथि समाप्त: 08 मार्च 2026, रात 9:10 बजे

इसलिए रंग पंचमी का पर्व 08 मार्च 2026 को मनाया जाएगा.

क्यों खास है रंग पंचमी?

धार्मिक मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन ब्रह्मांड की दिव्य शक्तियां पृथ्वी के वातावरण में सक्रिय होती हैं.

इस दिन:

  • देवी-देवता पृथ्वी पर आकर रंगों का उत्सव मनाते हैं
  • वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
  • नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है
  • जीवन में सुख-समृद्धि और आनंद आता है

इसी कारण कई स्थानों पर इसे देवताओं की होली भी कहा जाता है.

रंग पंचमी पूजा विधि

रंग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान पर चौकी स्थापित कर राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्र रखें.

पूजा के दौरान यह करें:

  • राधा-कृष्ण को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं
  • फूल, माला और वस्त्र से उनका श्रृंगार करें
  • गुलाल, पीला चंदन और अक्षत अर्पित करें
  • दीपक और धूप जलाकर मंत्र जाप करें
  • अंत में आरती कर भगवान से आशीर्वाद मांगें

रंग पंचमी के शक्तिशाली मंत्र

रंग पंचमी के दिन इन मंत्रों का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है.

  1. ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
  2. ॐ श्री कृष्णाय नमः

इन मंत्रों के जाप से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

रंग पंचमी पर भगवान कृष्ण को क्या भोग लगाएं?

मक्खन का भोग

भगवान श्रीकृष्ण को मक्खन अत्यंत प्रिय है. रंग पंचमी के दिन मक्खन का भोग लगाने से घर में सुख-शांति आती है.

मीठी दही

मीठी दही या दही से बने व्यंजन अर्पित करने से पारिवारिक जीवन में मधुरता बढ़ती है.

गुजिया

होली का पारंपरिक व्यंजन गुजिया भगवान को अर्पित करने से समृद्धि आती है.

जलेबी

जलेबी का भोग लगाने से जीवन में मिठास और आनंद बना रहता है.

मालपुआ

मालपुआ का भोग लगाने से भगवान कृष्ण मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और करियर-व्यापार में शुभ परिणाम मिलते हैं.

रंग पंचमी का आध्यात्मिक रहस्य

धार्मिक दृष्टि से रंग पंचमी केवल रंगों का त्योहार नहीं है. यह प्रकृति, ऊर्जा और भक्ति का उत्सव है. रंगों के माध्यम से मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित होता है.

ज्योतिष के अनुसार इस दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव इतना अधिक होता है कि कई लोग इसे नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करने वाला दिन भी मानते हैं.

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